शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास à¤à¤µà¤‚ नवाचार : à¤à¤• विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨
डॉ० बिमलेश कà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह
सहायक पà¥à¤°à¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• मधेपà¥à¤° शिकà¥à¤·à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ मधेपà¥à¤° ,मधà¥à¤¬à¤¨à¥€
सार (Abstract)
शिकà¥à¤·à¤• समाज का निरà¥à¤®à¤¾à¤£à¤•रà¥à¤¤à¤¾ होता है और उसकी à¤à¥‚मिका केवल जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने तक सीमित नहीं है, बलà¥à¤•ि वह विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकास, रचनातà¥à¤®à¤•ता और नवाचार को à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ यà¥à¤— में शिकà¥à¤·à¤¾ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में तीवà¥à¤° परिवरà¥à¤¤à¤¨ हो रहे हैं, जिनसे निपटने के लिठशिकà¥à¤·à¤•ों का वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास (Professional Development) à¤à¤µà¤‚ नवाचार (Innovation) अतà¥à¤¯à¤‚त आवशà¥à¤¯à¤• हो गया है। इस आलेख में शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास के सà¥à¤µà¤°à¥‚प, उसकी आवशà¥à¤¯à¤•ता, नवाचार की à¤à¥‚मिका तथा शैकà¥à¤·à¤¿à¤• गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ पर उनके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया गया है। वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से, शिकà¥à¤·à¤¾ संबंधी साहितà¥à¤¯ में इस बात पर बहस चल रही है कि कà¥à¤¯à¤¾ "शिकà¥à¤·à¤• की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की उपलबà¥à¤§à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने और सà¥à¤•ूल की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाने वाला सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक है" इसी तरà¥à¤œ पर, शैकà¥à¤·à¤¿à¤• नेताओं, सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तकारों और शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने इस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया है कि छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के सीखने और उपलबà¥à¤§à¤¿ को बेहतर बनाने के लिठशिकà¥à¤·à¤£ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को कैसे बेहतर बनाया जाà¤à¥¤ हर साल, देश अपने शिकà¥à¤·à¤•ों के कौशल और योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठउनके वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास (पीडी) के अवसरों को विकसित करने में लाखों डॉलर का निवेश करते हैं शिकà¥à¤·à¤¾ में कृतà¥à¤°à¤¿à¤® बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¤¾ (à¤à¤†à¤ˆ) तकनीक के अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— को शैकà¥à¤·à¤¿à¤• नवाचार के à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– चालक के रूप में तेजी से पहचाना जा रहा है। यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ शैकà¥à¤·à¤¿à¤• परिवेश में à¤à¤†à¤ˆ तकनीकों के à¤à¤•ीकरण पर वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• साहितà¥à¤¯ मौजूद है, शिकà¥à¤·à¤•ों की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका और उनके वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ताओं पर कम जोर दिया गया है। यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ 2015 और 2025 के बीच शिकà¥à¤·à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अपने शिकà¥à¤·à¤£ और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास में à¤à¤†à¤ˆ तकनीक के उपयोग पर किठगठशोध की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ समीकà¥à¤·à¤¾ करता है, और शिकà¥à¤·à¤•ों के बीच वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास के अवसरों की आपूरà¥à¤¤à¤¿ और à¤à¤†à¤ˆ à¤à¤•ीकरण की मांग के बीच संबंधों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। यह समीकà¥à¤·à¤¾ शिकà¥à¤·à¤•ों की विकास आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को संबोधित करने वाले शोध में à¤à¤• अंतर को उजागर करती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे अपने शिकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं में à¤à¤†à¤ˆ तकनीकों को à¤à¤•ीकृत करते हैं। यह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास में à¤à¤†à¤ˆ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर अधिक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने और यह पता लगाने के लिठअनà¥à¤¸à¤‚धान की आवशà¥à¤¯à¤•ता पर बल देता है कि छातà¥à¤° सीखने और शिकà¥à¤·à¤• निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶, दोनों ही दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोणों से शिकà¥à¤·à¤¾ में à¤à¤†à¤ˆ तकनीकों को कैसे लागू किया जा सकता है। इसके अलावा, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास में à¤à¤†à¤ˆ पर अनà¥à¤¸à¤‚धान को तकनीकी और नैतिक चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के समाधान को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता देनी चाहिठताकि शिकà¥à¤·à¤¾ में à¤à¤†à¤ˆ का ज़िमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ à¤à¤•ीकरण सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके।
KEY WORD: - वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤•, नवाचार, कृतà¥à¤°à¤¿à¤®, बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¤¾ (à¤à¤†à¤ˆ) शिकà¥à¤·à¤¾ में à¤à¤†à¤ˆ, सà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤œà¤¿à¤¤, समीकà¥à¤·à¤¾, शिकà¥à¤·à¤£, विकास, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ, रचनातà¥à¤®à¤•ता
परिचय (Introduction)
शिकà¥à¤·à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ से संबंधित किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या कारà¥à¤¯ में à¤à¤• महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। चूंकि यà¥à¤µà¤¾ पीढ़ी à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤° का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ है और ककà¥à¤·à¤¾ में à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की नियति को आकार दिया जा रहा है और ये à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ शिकà¥à¤·à¤• है। इसलिठछातà¥à¤°à¥‹à¤‚ को मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना शिकà¥à¤·à¤• का मà¥à¤–à¥à¤¯ दायितà¥à¤µ है। इस उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ को पूरा करने के लिà¤, शिकà¥à¤·à¤• के लिठउचित वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास à¤à¤• उपकरण या संसाधन है जिसके माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• शिकà¥à¤·à¤£ सीखने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को और अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ बनाने के लिठअपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं और कौशल में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है। इसके लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सेवापूरà¥à¤µ और सेवाकालीन शिकà¥à¤·à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप में उपलबà¥à¤§ हैं, जैसे कि डीà¤à¤².à¤à¤¡.टी. बी.à¤à¤¡. à¤à¤®.à¤à¤¡, कारà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¤¾à¤à¤, संगोषà¥à¤ ियाठतथा समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ आदि। ये कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• को अपने शिकà¥à¤·à¤£ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ और संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बनाने में सहायता कर सकते हैं और यह संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ से वांछनीय शैकà¥à¤·à¤¿à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकता है। शिकà¥à¤·à¤• छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बीच नवीनतम जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करके पिछले जà¥à¤žà¤¾à¤¨ के साथ नठजà¥à¤žà¤¾à¤¨ को आतà¥à¤®à¤¸à¤¾à¤¤ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ विकसित कर सकते हैं। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ शोध-पतà¥à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता और चà¥à¤¨à¥‹à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में लगातार बदलाव आ रहा है और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ निरंतर बढ़ रही है. इसलिठकैरियर की पà¥à¤°à¤—ति की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास अधिक महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤•ता काम के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण के बारे में है अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ समरà¥à¤ªà¤£, ईमानदारी आदि के बारे में और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास किसी के अपने पेशे में वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास के लिठहै। आमतौर पर यह नठकौशल, अनà¥à¤à¤µ, जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठसंदरà¥à¤à¤¿à¤¤ करता है जो वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• रूप से बढ़ने में मदद कर सकता है। इसके लिठबहà¥à¤¤ सारे शिकà¥à¤·à¤•ों शिकà¥à¤·à¤¾ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तैयार किठगठहैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में शिकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ को दो à¤à¤¾à¤—ों में वरà¥à¤—ीकृत किया जाता है अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ सेवाकालीन और सेवापूरà¥à¤µ में। पà¥à¤°à¥€-सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® वे हैं जो किसी à¤à¥€ सेवा के लिठअनिवारà¥à¤¯ है या जो नौकरी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठनà¥à¤¯à¥‚नतम मानदडों को पूरा करता है। लेकिन शिकà¥à¤·à¤•ों के वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास के लिठसेवाकालीन शिकà¥à¤·à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ पर विचार किया जाता है। ये à¤à¤¸à¥‡ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® जिनमें à¤à¤• सेवारत शिकà¥à¤·à¤• अपने वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• कौशल, जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और दकà¥à¤·à¤¤à¤¾à¤“ं को उनà¥à¤¨à¤¤ करने के लिठà¤à¤¾à¤— ले सकता है।
उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में शिकà¥à¤·à¤•ों के वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास को बढ़ावा देने के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से संचालित à¤à¤• शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करना है। मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤-पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण पर आधारित, यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ 36 उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ शिकà¥à¤·à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® से उनकी संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करता है और शिकà¥à¤·à¤£ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, अवधारणाओं और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ शिकà¥à¤·à¤•ों की धारणाओं पर इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ की चरà¥à¤šà¤¾ करता है। पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों पर लागू पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¤¾à¤µà¤²à¥€ के परिणाम, जिनमें बहà¥à¤µà¤¿à¤•लà¥à¤ªà¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ और खà¥à¤²à¥‡ उतà¥à¤¤à¤° शामिल हैं, कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उचà¥à¤š संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। इस केस सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के आधार पर, लेखक शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास पर निषà¥à¤•रà¥à¤·à¥‹à¤‚ के निहितारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ पर चरà¥à¤šà¤¾ करते हैं और उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ में सफल शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के डिज़ाइन की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विशेषताओं की पहचान करते हैं।
शैकà¥à¤·à¤¿à¤• परिदृशà¥à¤¯ में तेज़ी से बदलाव, उचà¥à¤š शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• मानकों की माà¤à¤— और उचà¥à¤š-गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ वाली शिकà¥à¤·à¤¾ की आवशà¥à¤¯à¤•ता ने शिकà¥à¤·à¤•ों के कौशल और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤•ता की अपेकà¥à¤·à¤¾à¤à¤ बढ़ा दी हैं। दूसरी ओर, जà¥à¤žà¤¾à¤¨ समाज में नई सोच और शैकà¥à¤·à¤¿à¤• नवाचारों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बढ़ती पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ के साथ शिकà¥à¤·à¤•ों की सà¥à¤µà¤¯à¤‚ से अपेकà¥à¤·à¤¾à¤à¤ à¤à¥€ बढ़ी हैं (कॉलिनà¥à¤¸à¤¨ à¤à¤Ÿ अल., 2009)। निसà¥à¤¸à¤‚देह, शिकà¥à¤·à¤•ों के लिठनिरंतर सीखने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि निरंतर सà¥à¤§à¤¾à¤° की इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नई विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾à¤“ं का सामना करने, मज़बूत समरà¥à¤¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने और नठअवसरों तक पहà¥à¤à¤š की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है (अल-हिनाई, 2007; कॉलिनà¥à¤¸à¤¨ à¤à¤Ÿ अल., 2009)। इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤—म बनाने के लिà¤, शिकà¥à¤·à¤• महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ और शिकà¥à¤·à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ से संबंधित अनà¥à¤¯ शैकà¥à¤·à¤¿à¤• संगठनों को छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के परिणामों और सà¥à¤•ूल की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° हेतॠशिकà¥à¤·à¤•ों के मौजूदा जà¥à¤žà¤¾à¤¨ और पà¥à¤°à¤¥à¤¾à¤“ं को विकसित करने हेतॠपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने हेतॠकई नीतियाठलागू की गई हैं (बोरà¥à¤•ो, जैकबà¥à¤¸, और कोà¤à¤²à¤¨à¤°, 2010; डेसिमोन, 2011)। यह देखते हà¥à¤ कि शिकà¥à¤·à¤• पीडी छातà¥à¤° सीखने और उपलबà¥à¤§à¤¿ को बढ़ाता है, जैसा कि ऊपर उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया गया है, इसे काफी आलोचनातà¥à¤®à¤• धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ मिला है (डेसिमोन, 2009; डेसिमोन, पोरà¥à¤Ÿà¤°, गैरेट, यून, और बिरमन, 2002; इवांस, 2014; कà¥à¤‡à¤œà¤ªà¤°à¥à¤¸, हाउटवीन, और वà¥à¤¬à¥‡à¤²à¥à¤¸, 2010)। यह समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पेशेवर रूप से कैसे विकसित होते हैं, पीडी के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आयामों को खोलना आवशà¥à¤¯à¤• है (इवांस, 2011)। दूसरी ओर, पीडी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले, यह परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि पीडी कà¥à¤¯à¤¾ है, यह कैसे शिकà¥à¤·à¤• और छातà¥à¤° के परिणामों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, और इसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक कारकों का वरà¥à¤£à¤¨ करें (कांग à¤à¤Ÿ अल।, 2013)। जबकि मौजूदा शोध शिकà¥à¤·à¤• पीडी (हिल, 2009) की बढ़ती मांग को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, यह इस बात की जानकारी की कमी को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है कोमà¥à¤¬à¤¾ और मà¥à¤µà¤¾à¤•ाबेंगा (2019) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने अà¤à¥€ तक शिकà¥à¤·à¤• पीडी की अवधारणा, दायरे और विशेषताओं की उचित समठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ नहीं की है। हालांकि मौजूदा अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ की सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि, फोकस और संदरà¥à¤ अलग-अलग हैं, कई पीडी की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ के बिना और इसकी विशेष विशेषताओं और रूपरेखाओं की समठके बिना आयोजित किठगठहैं (गैरेट, पोरà¥à¤Ÿà¤°, डेसिमोन, बिरमन, और यून, 2001)। उदाहरण के लिà¤, शिकà¥à¤·à¤• पीडी पर सेलà¥à¤¸, टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤° और गारà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ (2011) के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ ने पीडी को परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ नहीं किया। इसी तरह, बेट और मकेवा (2018) ने शिकà¥à¤·à¤• पीडी को पहचानने या इसके आयामों की पहचान किठबिना इसे बेहतर बनाने के तरीके पर à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया। दूसरी ओर, इवांस (2014) का तरà¥à¤• है कि पीडी की विशेषताओं और मॉडल के मौजूदा मॉडल (उदाहरण के लिà¤, कà¥à¤‡à¤œà¤ªà¤°à¥à¤¸ à¤à¤Ÿ अल।, 2010
जैसा कि कà¥à¤²à¤¾à¤°à¥à¤• और हॉलिंगà¥à¤¸à¤µà¤°à¥à¤¥ (2002, पृषà¥à¤ 947) कहते हैं, "यदि हमें शिकà¥à¤·à¤•ों के वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास को सà¥à¤—म बनाना है, तो हमें उस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को समà¤à¤¨à¤¾ होगा जिसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• रूप से विकसित होते हैं और उन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¨à¤¾ होगा जो उस विकास का समरà¥à¤¥à¤¨ और संवरà¥à¤§à¤¨ करती हैं।" इन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¤à¥‡ हà¥à¤, कोरà¥à¤Ÿà¤¾à¤—ेन (2017) ने रेखांकित किया कि वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को डिज़ाइन करते समय, शिकà¥à¤·à¤•ों की आवशà¥à¤¯à¤•ताओं, फोकस, संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं, à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं, पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤“ं और सपनों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। इस पà¥à¤°à¤•ार, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास की बहà¥à¤†à¤¯à¤¾à¤®à¥€ संरचना और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• विकास उस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को जटिल बनाते हैं जिसके माधà¥à¤¯à¤® से इसे लागू किया जाता है, लेकिन इसे असंà¤à¤µ नहीं बनाते। इसलिà¤, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास का à¤à¤• सारà¥à¤¥à¤• और समगà¥à¤° परिपà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤·à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिà¤, à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• ढाà¤à¤šà¥‡ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। इसके आधार पर, हम मौजूदा अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ को à¤à¤•ीकृत करके वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास का à¤à¤• समगà¥à¤° ढाà¤à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करना संà¤à¤µ मानते हैं। इसलिà¤, पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास की परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ के आसपास विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोणों और दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोणों को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¨à¥‡ वाले मौजूदा शोध में अंतर को दूर करने के लिà¤, हमने शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विशेषताओं की पहचान करने के लिठà¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ तैयार किया ताकि इसका à¤à¤• समगà¥à¤° ढाà¤à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया जा सके जो इसकी जटिल और अंतःकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤•ृति को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ हो। इस तरह की अंतरà¥à¤¦à¥ƒà¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के बिना, शिकà¥à¤·à¤• शारीरिक शिकà¥à¤·à¤¾ के बारे में वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में मौजूद सीमित जà¥à¤žà¤¾à¤¨, शारीरिक शिकà¥à¤·à¤¾ को उसके वांछित लकà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने से रोकेगा। इसलिà¤, हमने शिकà¥à¤·à¤• शारीरिक शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कई चरों और संरचनाओं को उजागर करने की दिशा में à¤à¤• कदम उठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया ताकि इसे और अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ बनाया जा सके। इसके अलावा, हम शारीरिक शिकà¥à¤·à¤¾ के अपूरà¥à¤£ और अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आयामों को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करने के लिठà¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤à¤¾à¤µ और रोडमैप पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। अतः इसमें शिकà¥à¤·à¤•ों को उनà¥à¤¨à¤¤ करने के लिठदी जाने वाली सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की शिकà¥à¤·à¤¾ व पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® शामिल हैं जैसे संगोषà¥à¤ ी, कारà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¤¾à¤à¤‚, समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨, संकाय विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® आदि।
वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता
कौशल विकास के लिठआज का यà¥à¤— विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी का यà¥à¤— है और शिकà¥à¤·à¤£ और सीखने में दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ नठकौशल विकसित किठजा रहे है। शिकà¥à¤·à¤• में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कौशल क के विकास के के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होनी चाहिà¤à¥¤ ये कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने समय की बेहतर योज योजना बनाने और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ रहने में मदद कर सकते हैं। वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ नवाचार à¤à¤µ कौशल दोनों को बढ़ा सकता है। कठिन कौशल का अरà¥à¤¥ विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• कठिन कौशल आदि से संबंधित है। जबकि सोफà¥à¤Ÿ है जो संसà¥à¤¥à¤¾ से संबंधित है अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ यह शिकà¥à¤·à¤£ रणनीलियों, शिकà¥à¤·à¤£ विधि दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण, अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ आ कौशल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास से संबधित है जैसे संचार कौशल, अनà¥à¤¯ सहयोगियों और और छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ छातà¥à¤°à¤“ं के साथ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करना आदि। जबकि शिकà¥à¤·à¤£-कारà¥à¤¯ आज केवल पाठà¥à¤¯à¤ªà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•-आधारित पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं रह गया है। सूचना पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी, डिजिटल शिकà¥à¤·à¤¾, बहà¥à¤†à¤¯à¤¾à¤®à¥€ शिकà¥à¤·à¤£ तकनीक तथा नà¤-नठनवाचारों ने शिकà¥à¤·à¤£ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को आधà¥à¤¨à¤¿à¤• बना दिया है। इन बदलते परिवेश में यदि शिकà¥à¤·à¤• अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं का विकास नहीं करेंगे तो वे समय के साथ पिछड़ जाà¤à¤‚गे। अतः शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास और शैकà¥à¤·à¤¿à¤• नवाचार का समनà¥à¤µà¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है।
साहितà¥à¤¯ समीकà¥à¤·à¤¾
1) पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾
शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास (Teacher Professional Development—TPD) 21वीं सदी के कौशल, शैकà¥à¤·à¤¿à¤• गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ और विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯-सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ नवाचार के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• के रूप में उà¤à¤°à¤¾ है। परंतॠपारंपरिक “à¤à¤•-दो दिन के वरà¥à¤•शॉप” मॉडल से सीखने के ठोस पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सीमित रहे; साकà¥à¤·à¥à¤¯ बताता है कि सà¥à¤µà¤¿à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤, सतत, ककà¥à¤·à¤¾-अà¤à¤¿à¤°à¥à¤šà¤¿-आधारित और सहयोगी TPD ही शिकà¥à¤·à¤£-सीखने तथा छातà¥à¤° उपलबà¥à¤§à¤¿—दोनों में बदलाव लाता है।
2) संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾à¤à¤ और सैदà¥à¤§à¤¾à¤‚तिक आधार
(क) वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास से परिवरà¥à¤¤à¤¨ कैसे आता है: गसकी (Guskey) का “टीचर चेंज मॉडल” बताता है कि उचà¥à¤š-गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ TPD → ककà¥à¤·à¤¾-पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में बदलाव → छातà¥à¤° परिणामों में सà¥à¤§à¤¾à¤° → फिर शिकà¥à¤·à¤• की मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं/दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण में सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥¤ इसलिठTPD का आकलन पाà¤à¤š सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚—पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, सीख, संगठन/सहयोग, ककà¥à¤·à¤¾-वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°, छातà¥à¤°-परिणाम—पर होना चाहिà¤à¥¤
(ख) पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ TPD की मूल विशेषताà¤à¤: डेसिमोन (Desimone, 2009) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूपरेखा—(1) विषय-वसà¥à¤¤à¥ पर फोकस, (2) सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ सीखना, (3) सामंजसà¥à¤¯/नीतिगत-संरेखण (coherence), (4) परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ अवधि व आवृतà¥à¤¤à¤¿ (duration), (5) सामूहिक à¤à¤¾à¤—ीदारी/सहयोग। इन विशेषताओं की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सीखने के हसà¥à¤¤à¤¾à¤‚तरण और नवाचार को बढ़ाती है।
3) पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ TPD के डिज़ाइन-घटक (साकà¥à¤·à¥à¤¯-संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£)
लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग पॉलिसी इंसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट की सिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¥ˆà¤Ÿà¤¿à¤• समीकà¥à¤·à¤¾ (कठोर पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ वाले 35 अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ पर) निषà¥à¤•रà¥à¤· देती है कि वे TPD कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होते हैं जो: ककà¥à¤·à¤¾ की ठोस पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ हों, मॉडलिंग/लेसन-सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€/कोचिंग जैसी सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रणनीतियाठदें, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय दें, और पाठà¥à¤¯à¤šà¤°à¥à¤¯à¤¾ व आकलन से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हों। यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ यह à¤à¥€ रेखांकित करता है कि PLCs/टीम-टिचिंग जैसे सहयोगी पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प नवाचार के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° (diffusion) को गति देते हैं।
4) वैशà¥à¤µà¤¿à¤• परिदृशà¥à¤¯: à¤à¤¾à¤—ीदारी और सहयोग
OECD-TALIS के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अधिकांश शिकà¥à¤·à¤• किसी न किसी TPD में à¤à¤¾à¤— लेते हैं, पर सहकरà¥à¤®à¥€-आधारित सीख (peer learning, नेटवरà¥à¤•िंग, टीम-टिचिंग) में निरंतर à¤à¤¾à¤—ीदारी अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम है—जबकि सà¥à¤µà¤¯à¤‚ शिकà¥à¤·à¤• इनको सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी मानते हैं। नीति-संदेश: TPD को “वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त वरà¥à¤•शॉप” से आगे बढ़ाकर “सहयोगी, विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯-अंतःसà¥à¤¥” रूपों की ओर मोड़ना।
5) à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सनà¥à¤¦à¤°à¥à¤: नीतियाà¤, पहलकदमियाठऔर डिजिटल मंच
NEP 2020 सतत वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास को केंदà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ देता है (कम से कम 50 घणà¥à¤Ÿà¥‡ वारà¥à¤·à¤¿à¤• CPD की अपेकà¥à¤·à¤¾)। NISHTHA (अब DIKSHA पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¤¼à¥‰à¤°à¥à¤® पर ऑनलाइन à¤à¥€) ने बड़े पैमाने पर शिकà¥à¤·à¤• पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ को मानकीकृत किया; हालिया सरकारी दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼à¥‹à¤‚ में 12 लाख+ शिकà¥à¤·à¤•ों के पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ का उलà¥à¤²à¥‡à¤– और FLN/डिजिटल-संसाधनों के बेहतर उपयोग पर बल मिलता है। नीति-सà¥à¤¤à¤° पर रà¥à¤à¤¾à¤¨—पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ/अनà¥à¤à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• सीख, ई-सामगà¥à¤°à¥€, मेंटरिंग-संसà¥à¤•ृति—नवाचार को संसà¥à¤¥à¤¾à¤—त रूप देते हैं।
6) नवाचार से TPD का समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ (वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• पथ)
समीकà¥à¤·à¤¾à¤à¤ दिखाती हैं कि जब TPD: (i) ककà¥à¤·à¤¾-सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो, (ii) इंसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤¶à¤¨à¤² कोचिंग / लेसन-सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ / माइकà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤šà¤¿à¤‚ग के साथ हो, (iii) डेटा-आधारित आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और (iv) सहकरà¥à¤®à¥€-निरीकà¥à¤·à¤£ (peer observation) शामिल करे—तो शिकà¥à¤·à¤£-नवाचार (नई विधियाà¤, आकलन के नये रूप, तकनीक-समेकन) टिकाऊ बनते हैं। TALIS और LPI-समीकà¥à¤·à¤¾, दोनों, सहयोगी सीख को “उचà¥à¤š पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ” कारक के रूप में पà¥à¤·à¥à¤Ÿ करते हैं।
7) पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤—त पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ (रिसरà¥à¤š डिज़ाइन)
मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤-विधि (Mixed-Methods): ककà¥à¤·à¤¾ अवलोकन + उपलबà¥à¤§à¤¿-डाटा + शिकà¥à¤·à¤• सरà¥à¤µà¥‡/साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार।
कà¥à¤µà¤¾à¤œà¤¼à¥€-à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‡à¤°à¤¿à¤®à¥‡à¤‚टल/लॉनà¥à¤—िटà¥à¤¯à¥‚डिनल: गसकी के पाà¤à¤š-सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन से मैप; “सीख” से “छातà¥à¤°-परिणाम” तक शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला को टà¥à¤°à¥ˆà¤• करना।
पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® सिदà¥à¤§à¤¤à¤¾ (Fidelity) और अवधि: डेसिमोन के “duration/coherence” आयामों पर कड़ाई से रिपोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग।
नीति-विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£/दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ समीकà¥à¤·à¤¾: NEP 2020, NISHTHA/DIKSHA जैसी पहलों की कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨-सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¥¤
8) साकà¥à¤·à¥à¤¯-आधारित निषà¥à¤•रà¥à¤·
सहयोगी, ककà¥à¤·à¤¾-समà¥à¤¬à¤¦à¥à¤§, दीरà¥à¤˜-अवधि TPD छातà¥à¤°-परिणामों से सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• जोड़ता है। 2) à¤à¤•ल वरà¥à¤•शॉप मॉडल का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• रहता है। 3) मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन तà¤à¥€ सारà¥à¤¥à¤• है जब पाà¤à¤šà¥‹à¤‚ सà¥à¤¤à¤° (पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ी से छातà¥à¤°-परिणाम) कैपà¥à¤šà¤° हों। 4) à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संदरà¥à¤ में बड़े-पैमाने के ऑनलाइन-TPD (DIKSHA/NISHTHA) ने पहà¥à¤à¤š बढ़ाई है—पर सà¥à¤•ूल-आधारित सहयोग/कोचिंग के विसà¥à¤¤à¤¾à¤° की अà¤à¥€ à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
9) शोध-खाइयाठ(Research Gaps)
TPD-से-नवाचार-तक “कारण-शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला” पर लंबी अवधि के, नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ की कमी।
फिडेलिटी/कोहेरेंस की पारदरà¥à¤¶à¥€ रिपोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग विरल—विशेषकर बहà¥-राजà¥à¤¯/बहà¥à¤à¤¾à¤·à¥€ परिदृशà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में।
बड़े पैमाने के डिजिटल-TPD (DIKSHA/NISHTHA) के ककà¥à¤·à¤¾-अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ व छातà¥à¤°-सीख पर ठोस पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ मापन की आवशà¥à¤¯à¤•ता।
चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ :
संसाधनों की कमी वितà¥à¤¤ किसी à¤à¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के सफल कारà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨ में à¤à¤• महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿, नई तकनीक आधारित सहायता, उचित पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के खरà¥à¤š उचित राशि के बिना संà¤à¤µ नहीं है।विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की कमी कà¥à¤¶à¤², सकà¥à¤·à¤® और योगà¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ को सेवाकालीन शिकà¥à¤·à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ का संचालन करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जो बड़े पैमाने पर संà¤à¤µ नहीं है।समय की कमी शिकà¥à¤·à¤•ों के पास अपने वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के साथ इन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठउचित समय नहीं होता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€, संकाय सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की कमी के कारण उचà¥à¤šà¥à¤š अधिकारी अपने करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने कामकाजी घंटों में इसमें शामिल होने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ नहीं देता है।बहà¥à¤¤ महंगा संगोषà¥à¤ ियों, कारà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤²à¤¾à¤“ं, समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के संचालन के लिठजनशकà¥à¤¤à¤¿, ऊरà¥à¤œà¤¾ और धन के रूप में बहà¥à¤¤ अधिक वà¥à¤¯à¤¯ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इसी तरह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों को à¤à¤¾à¤—ीदारी के लिठशà¥à¤²à¥à¤• का à¤à¥à¤—तान करना अनिवारà¥à¤¯ है।रà¥à¤šà¤¿ की कमी अधिक आयॠवाले शिकà¥à¤·à¤• जो अपनी सेवानिवृतà¥à¤¤à¤¿ के नजदीक हैं, वे किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚, शोध लेखन आदि पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं देते और कà¤à¥€-कà¤à¥€ वे अपने जूनियर करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को संचालन करने और इस तरह की गतिविधियों में à¤à¤¾à¤— लेने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ नहीं देते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ की कमी वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® बहà¥à¤¤ महंगा है। यदि कोई शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤— लेता है, तो यह उनके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास के साथ-साथ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के लिठà¤à¥€ फायदेमंद होता है। इसलिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤— लेने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने के लिठफंड या पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है। आलोचनातà¥à¤®à¤• विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ और अनà¥à¤¸à¤‚धान का अà¤à¤¾à¤µ शिकà¥à¤·à¤¾ यह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° है जो हर दूसरी धारा से संबंधित है। शिकà¥à¤·à¤¾ की मदद से हम विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में अचà¥à¤›à¥€ उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ नीतियों को तैयार कर सकते हैं। इसके लिà¤à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥ सà¥à¤•ूल छोडने के कारण, शिकà¥à¤·à¤£ अधिगम के संसाधनों के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ उपयोग आदि में महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। à¤à¤¾à¤·à¤¾ की बाधाà¤à¤‚ यदि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पर इस तरह के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® वा समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ रखो जाते हैं तो à¤à¤¾à¤·à¤¾ à¤à¤• बहà¥à¤¤ बहà¥à¤¤ बड़ी बाधा है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• राजà¥à¤¯ की अपनी à¤à¤• माषा है जिसे दूसरे राजà¥à¤¯ का शिकà¥à¤·à¤• नहीं समठसकता जैसे कि हरियाणा के शिकà¥à¤·à¤• के लिठआवशà¥à¤¯à¤• नहीं है कि वह मैथिलि,à¤à¥‹à¤œà¤ªà¥à¤°à¥€ ,कनà¥à¤¨à¤° ,मराठी, तेलगॠया अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ पढ़ या लिख सकते हैं।
शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास (Teacher Professional Development)
अवधारणा: यह à¤à¤• निरंतर चलने वाली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिसके अंतरà¥à¤—त शिकà¥à¤·à¤• अपने जà¥à¤žà¤¾à¤¨, कौशल, दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण और कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को समयानà¥à¤¸à¤¾à¤° विकसित करते हैं।
आवशà¥à¤¯à¤•ता:
i. बदलती पाठà¥à¤¯à¤šà¤°à¥à¤¯à¤¾ की मांगों को पूरा करना।
ii. ICT (Information & Communication Technology) आधारित शिकà¥à¤·à¤£ में दकà¥à¤·à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना।
iii. विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की विविध आवशà¥à¤¯à¤•ताओं के अनà¥à¤°à¥‚प शिकà¥à¤·à¤£ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ अपनाना।
iv. आतà¥à¤®-पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ à¤à¤µà¤‚ आतà¥à¤®-मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का विकास।
v. शिकà¥à¤·à¤¾ में नवाचार (Innovation in Education)
vi. नवाचार का अरà¥à¤¥: नई विधियों, तकनीकों, उपकरणों तथा दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोणों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करके शिकà¥à¤·à¤£-पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ और रà¥à¤šà¤¿à¤•र बनाना।
नवाचार के उदाहरण:
i. सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿ कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤°à¥‚म à¤à¤µà¤‚ डिजिटल लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग।
ii. पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ आधारित शिकà¥à¤·à¤£ (Project Based Learning)।
iii. फà¥à¤²à¤¿à¤ªà¥à¤¡ कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤°à¥‚म पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¥¤
iv. आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² इंटेलिजेंस और वरà¥à¤šà¥à¤…ल लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग टूलà¥à¤¸à¥¤
v. सहयोगातà¥à¤®à¤• शिकà¥à¤·à¤£ (Collaborative Learning)।
शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास à¤à¤µà¤‚ नवाचार का परसà¥à¤ªà¤° संबंध
1. वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास शिकà¥à¤·à¤• को नई तकनीकों à¤à¤µà¤‚ विधियों से परिचित कराता है।
2. नवाचार अपनाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ तà¤à¥€ आती है जब शिकà¥à¤·à¤• निरंतर पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ और विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हों।
3. दोनों का समनà¥à¤µà¤¯ शिकà¥à¤·à¤¾ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾, छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की रचनातà¥à¤®à¤•ता और शैकà¥à¤·à¤¿à¤• उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बढ़ाता है।
4. यह शिकà¥à¤·à¤• को केवल "जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾" से "शिकà¥à¤·à¤£ मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤• और नवपà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¤•" की à¤à¥‚मिका में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ करता है।
निषà¥à¤•रà¥à¤· (Conclusion)
शिकà¥à¤·à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास और नवाचार शिकà¥à¤·à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की सफलता के दो अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤‚ठहैं। निरंतर पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£, नई तकनीकों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—, रचनातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोण तथा नवाचार की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से ही शिकà¥à¤·à¤• गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकते हैं। यह केवल छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ की उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को नहीं बढ़ाता, बलà¥à¤•ि शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को आधà¥à¤¨à¤¿à¤• और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ à¤à¥€ बनाता है। शिकà¥à¤·à¤•, संसà¥à¤¥à¤¾ के साथ-साथ पूरे देश के विकास के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। शिकà¥à¤·à¤¾ के हर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शिकà¥à¤·à¤•ों के सामने ककà¥à¤·à¤¾ में तैयार राषà¥à¤Ÿà¥à¤° का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯à¥¤ इसलिà¤, à¤à¤• शिकà¥à¤·à¤• को विषय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°, उनके विशेष विषय में नठरà¥à¤à¤¾à¤¨, पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी और रणनीतियों में नठरà¥à¤à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के बारे में जà¥à¤žà¤¾à¤¨ होना अति आवशà¥à¤¯à¤• है। शिकà¥à¤·à¤£ अधिगम की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और शिकà¥à¤·à¤¾ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ विकास कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ को आयोजित करना सरकार और संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है और उनमें à¤à¤¾à¤— लेना शिकà¥à¤·à¤• का करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ à¤à¥€ है।
सà¥à¤à¤¾à¤µ (Suggestions)
1. पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯/महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में नियमित टीचर टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® का आयोजन।
2. शिकà¥à¤·à¤•ों को डिजिटल तकनीक à¤à¤µà¤‚ ई-लरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤«à¥‰à¤°à¥à¤® का पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£à¥¤
3. नवाचारपूरà¥à¤£ शिकà¥à¤·à¤£ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨à¥¤
4. शिकà¥à¤·à¤• समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ में अनà¥à¤à¤µ साà¤à¤¾ करने और सहयोग की संसà¥à¤•ृति को बढ़ावा देना।
5. सरकारी और गैर-सरकारी संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सततॠवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• विकास योजनाओं का कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¯à¤¨à¥¤
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